September 21, 2021

Himachal News 24

Read The World Today

हमीरपुर: जल्दबाजी में करवा दिया ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन, रेफर ही हो रहा मरीज

प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर

द्वारा प्रकाशित: कृष्ण सिंह
Updated Wed, 12 May 2021 11:02 AM IST

सार

हमीरपुर ऑक्सीजन प्लांट के लोकार्पण के बाद भी तीन दिनों से गंभीर रोगियों को अन्य अस्पतालों के लिए रेफर करने का सिलसिला है। मंगलवार को भी एक पुलिस कर्मचारी को हमीरपुर से नेरचौक के लिए रेफर किया गया है।

ख़बर सुनना

डॉ। राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल हमीरपुर में एक करोड़ की लागत से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के बावजूद कोरोनाटे रोगियों को ऑक्सीजन युक्त वेंटिलेटर स्पोर्ट की सुविधा नहीं मिल रही है। अभी भी हमीरपुर से टांडा और नेरचौक के लिए मरीजों को रेफर किया जा रहा है।

रेफर करते समय मरीजों को समय पर एकर्न्स भी नहीं मिल रहे हैं। ऑक्सीजन प्लांट के लोकार्पण के बाद भी तीन दिनों से गंभीर रोगियों को अन्य अस्पतालों के लिए रेफर करने का सिलसिला जारी किया गया है। मंगलवार को भी एक पुलिस कर्मचारी को हमीरपुर से नेरचौक के लिए रेफर किया गया है। वेंटिलेटर की सुविधा न मिलने से हमीरपुर में एक कोरोनाटे भाजपा नेता की बीते सप्ताह मौत हो गई है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 9 मई को शिमला से क्लास माध्यम से मेडिकल कॉलेज में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण किया। लोगों का कहना है कि जल्दबाजी में लोकार्पण की क्या आवश्यकता थी, जब सुविधा नहीं मिल रही थी।

हमीरपुर के संयंत्र की क्षमता 300 पीएलएम है। एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पीएसए प्लांट 30 बिस्तरों वाले समर्पित कोविड वार्ड में निर्बाह ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि यह वार्ड तीन महीने के रिकॉर्ड समय में स्थापित किया गया है और मरीजों को निर्बह ऑक्सीजन आपूर्ति प्रदान करने के लिए इसे 300 एलपीएम पीएसए प्लांट से जोड़ा गया है। सभी 30 बिस्तरों में ऑक्सीजन की सुविधा प्रदान की गई है और बीमार रोगियों के लिए 20 वेंटिलेटर स्थापित किए गए हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
उधर, इस बारे में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट तो शुरू हो गया है, लेकिन जिस वार्ड में वेंटिलेटर स्थापित किए गए हैं, वहां पर कुछ काम शेष बचता है। यदि एक भी कोरोनाटे रोगी वार्ड में शिफ्ट कर दिया तो तेजिशियन काम नहीं करेगा। शीघ्र सारा कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस के राज्य प्रवक्ता प्रेम कौशल ने कहा कि कोरोनाटे रोगियों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने वैग्रेशन लूटने के लिए तीन दिन पहले ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण करवा लिया। अभी तक मरीजों को नेरचौक और टीएमसी रेफर किया जा रहा है, जो चिंता का विषय है।

विस्तार

डॉ। राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल हमीरपुर में एक करोड़ की लागत से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के बावजूद कोरोनाटे रोगियों को ऑक्सीजन युक्त वेंटिलेटर स्पोर्ट की सुविधा नहीं मिल रही है। अभी भी हमीरपुर से टांडा और नेरचौक के लिए मरीजों को रेफर किया जा रहा है।

रेफर करते समय मरीजों को समय पर एकर्न्स भी नहीं मिल रहे हैं। ऑक्सीजन प्लांट के लोकार्पण के बाद भी तीन दिनों से गंभीर रोगियों को अन्य अस्पतालों के लिए रेफर करने का सिलसिला जारी किया गया है। मंगलवार को भी एक पुलिस कर्मचारी को हमीरपुर से नेरचौक के लिए रेफर किया गया है। वेंटिलेटर की सुविधा न मिलने से हमीरपुर में एक कोरोनाटे भाजपा नेता की बीते सप्ताह मौत हो गई है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 9 मई को शिमला से क्लास माध्यम से मेडिकल कॉलेज में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण किया। लोगों का कहना है कि जल्दबाजी में लोकार्पण की क्या आवश्यकता थी, जब सुविधा नहीं मिल रही थी।

हमीरपुर के संयंत्र की क्षमता 300 पीएलएम है। एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पीएसए प्लांट 30 बिस्तरों वाले समर्पित कोविड वार्ड में निर्बाह ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि यह वार्ड तीन महीने के रिकॉर्ड समय में स्थापित किया गया है और मरीजों को निर्बह ऑक्सीजन आपूर्ति प्रदान करने के लिए इसे 300 एलपीएम पीएसए प्लांट से जोड़ा गया है। सभी 30 बिस्तरों में ऑक्सीजन की सुविधा प्रदान की गई है और बीमार रोगियों के लिए 20 वेंटिलेटर स्थापित किए गए हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी

उधर, इस बारे में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट तो शुरू हो गया है, लेकिन जिस वार्ड में वेंटिलेटर स्थापित किए गए हैं, वहां पर कुछ काम शेष बचता है। यदि एक भी कोरोनाटे रोगी वार्ड में शिफ्ट कर दिया तो तेजिशियन काम नहीं करेगा। शीघ्र सारा कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस के राज्य प्रवक्ता प्रेम कौशल ने कहा कि कोरोनाटे रोगियों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने वैग्रेशन लूटने के लिए तीन दिन पहले ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण करवा लिया। अभी तक मरीजों को नेरचौक और टीएमसी रेफर किया जा रहा है, जो चिंता का विषय है।